»
»
»
कबहूँ त भोर होई

कबहूँ त भोर होई

कबहूँ त भोर होई, कबहूँ छँटी कुहासा
'भावुक' ई मान लऽ तू आगे अन्हार नइखे




More Bhojpuri SMS

जनतीं जे अइसने मरजी

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ
कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर
अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि
याद करेला लोग केहू के मरला पर.

करबू तू याद कभी

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे,
बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर.
तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी,
पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :-
जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई
तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ.
असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा.
जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी.
आ सबसे बड़ बाति ई कि
अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

Show All Bhojpuri SMS